इनकम टैक्स के नाम पर फर्जी ईमेल, SMS और "नोटिस" भेजकर ठगी के मामले आम हो गए हैं। ऐसे में यह जानना ज़रूरी है कि जो नोटिस आपके पास आया है, वह सच में आयकर विभाग का है या नहीं। इसका सबसे आसान तरीका है DIN (Document Identification Number) की जाँच। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने Circular No. 04/2026, दिनांक 31 मार्च 2026 जारी करके DIN के नियम नए सिरे से तय किए हैं। आइए स्टेप-बाय-स्टेप समझें कि DIN क्या है और नोटिस की जाँच कैसे करें।
CBDT Circular 04/2026: एक नज़र में
- विभाग: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT), राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय
- सर्कुलर: Circular No. 04/2026
- तारीख: 31 मार्च 2026
- विषय: Referencing by Document Identification Number (DIN)
- आधार: Income-tax Act, 1961 की धारा 119, साथ में धारा 292B/292BA (और 2025 Act की धारा 522)
- पुराना सर्कुलर: इस सर्कुलर के जारी होते ही Circular No. 19/2019 (दिनांक 14.08.2019) लागू नहीं रहा
DIN क्या है?
DIN यानी Document Identification Number एक कंप्यूटर से बना यूनिक नंबर है। आयकर अधिकारी जब भी कोई नोटिस, आदेश या पत्र भेजते हैं, तो उस पर यह नंबर लिखा होता है। इसी नंबर से आप ऑनलाइन जाँच सकते हैं कि दस्तावेज़ असली है या नहीं।
नया सर्कुलर क्या कहता है?
1. किन दस्तावेज़ों पर DIN ज़रूरी है
आयकर अधिकारी जो भी पत्राचार किसी व्यक्ति को भेजते हैं, उस पर DIN होना चाहिए। इसमें नोटिस, पत्र, आदेश, ड्राफ्ट आदेश और समन (summons) शामिल हैं।
2. DIN कैसे दिया जा सकता है
- DIN सीधे दस्तावेज़ पर हो सकता है।
- DIN वाला अलग दस्तावेज़ साथ में लगाया जा सकता है, या ईमेल में DIN लिखा जा सकता है।
- हर पेज पर DIN होना ज़रूरी नहीं है।
- दिशा-निर्देश या FAQ जैसे सार्वजनिक दस्तावेज़ों पर DIN ज़रूरी नहीं है।
3. किन हालात में बिना DIN के दस्तावेज़ जारी हो सकता है
- तकनीकी दिक्कत के कारण DIN देना या इलेक्ट्रॉनिक रूप से दस्तावेज़ जारी करना संभव न हो
- जाँच या वेरिफिकेशन के लिए अधिकारी ऑफिस से बाहर हो और DIN बनाने की सुविधा उपलब्ध न हो
- PAN माइग्रेशन में देरी के कारण PAN किसी दूसरे AO के पास हो
- करदाता का PAN उपलब्ध न हो
- सिस्टम में वह दस्तावेज़ जारी करने की सुविधा ही न हो
4. इन अपवादों की शर्तें
- ऐसे दस्तावेज़ में लिखा होना चाहिए कि वह इस अपवाद के कारण बिना DIN के जारी किया गया है।
- जारी होने के 15 दिन के भीतर सक्षम अधिकारी से लिखित कारणों के साथ बाद में मंज़ूरी (post-facto approval) लेनी होगी।
- पहले तीन अपवादों (तकनीकी दिक्कत, ऑफिस से बाहर होना, PAN माइग्रेशन) वाले दस्तावेज़ 15 कार्य-दिवस के भीतर DIN के साथ सिस्टम पर अपलोड करने होंगे।
बिना DIN वाले नोटिस का क्या?
नया सर्कुलर बिना DIN वाले दस्तावेज़ के कानूनी परिणाम के बारे में अलग से कुछ नहीं कहता। Finance Act, 2026 से जुड़ी धारा 292BA के अनुसार, अगर असेसमेंट आदेश किसी भी तरह DIN से जुड़ा है, तो DIN लिखने में गलती या कमी के आधार पर असेसमेंट अमान्य नहीं होगा। इसलिए अगर नोटिस पर DIN न दिखे, तो उसे सीधे नज़रअंदाज़ न करें। पोर्टल पर जाँच करें, फिर अपने CA से सलाह लें।
नोटिस असली है या नहीं: पोर्टल पर स्टेप-बाय-स्टेप जाँच
यह सेवा ई-फाइलिंग पोर्टल पर "Authenticate Notice / Order issued by ITD" नाम से मिलती है। इसके लिए लॉगिन की ज़रूरत नहीं है और कोई भी व्यक्ति इसका इस्तेमाल कर सकता है।
तरीका 1: DIN से जाँच (सबसे आसान)
- ब्राउज़र में खुद www.incometax.gov.in टाइप करके ई-फाइलिंग पोर्टल खोलें। किसी मैसेज के लिंक पर क्लिक न करें।
- होमपेज पर Authenticate Notice / Order issued by ITD पर क्लिक करें।
- विकल्प Document Identification Number and Mobile Number चुनें।
- नोटिस पर लिखा DIN और अपना मोबाइल नंबर डालें, फिर Continue दबाएँ।
- मोबाइल पर आया 6 अंकों का OTP डालें और Continue दबाएँ।
- नोटिस असली होने पर सफलता का संदेश दिखेगा। अगर विभाग ने ऐसा कोई दस्तावेज़ जारी नहीं किया, तो संदेश आएगा: "No record found for the given Document Number"।
तरीका 2: PAN और नोटिस की जानकारी से जाँच
- इसी सेवा में विकल्प PAN, Document Type, Assessment Year, Date of Issue and Mobile Number चुनें।
- PAN डालें, Document Type और Assessment Year चुनें, फिर नोटिस जारी होने की तारीख और मोबाइल नंबर डालें।
- OTP डालकर Continue दबाएँ।
- रिकॉर्ड मिलने पर नोटिस का दस्तावेज़ नंबर और जारी होने की तारीख दिखेगी। रिकॉर्ड न मिलने पर संदेश आएगा: "No record found for the given criteria"।
OTP से जुड़ी ज़रूरी बातें
- OTP 15 मिनट तक मान्य रहता है, और सही OTP डालने के 3 मौके मिलते हैं।
- पोर्टल की FAQ के अनुसार, वही मोबाइल नंबर डालना ज़रूरी नहीं जो पोर्टल पर रजिस्टर्ड है। आप अपने पास मौजूद कोई भी नंबर डाल सकते हैं।
फर्जी नोटिस और फ़िशिंग की पहचान कैसे करें
- पासवर्ड, PIN या कार्ड की जानकारी माँगना: विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, आयकर विभाग ईमेल से PIN, पासवर्ड या बैंक/क्रेडिट कार्ड की जानकारी नहीं माँगता।
- संदिग्ध लिंक/अटैचमेंट: "रिफंड के लिए यहाँ क्लिक करें" जैसे संदेश।
- मिलता-जुलता डोमेन: वेबसाइट/ईमेल पते में स्पेलिंग की गड़बड़ी।
- तुरंत पैसे भेजने का दबाव: किसी निजी खाते, UPI या लिंक से "पेनल्टी" भरने को कहना।
- DIN न होना, या DIN डालने पर "No record found" आना।
फर्जी निकले तो क्या करें
- मैसेज का जवाब न दें, अटैचमेंट न खोलें और लिंक पर क्लिक न करें।
- फर्जी ईमेल या वेबसाइट का URL webmanager@incometax.gov.in पर फॉरवर्ड करें और कॉपी incident@cert-in.org.in को भेजें, जैसा विभाग की "Report Phishing" पेज पर बताया गया है।
- रिपोर्ट के बाद ईमेल डिलीट करें।
- अगर पैसे कट गए हैं या बैंक की जानकारी चली गई है, तो तुरंत बैंक को सूचित करें। साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
असली निकले तो क्या करें
- नोटिस की धारा, माँगी गई जानकारी और जवाब की आखिरी तारीख ध्यान से पढ़ें।
- ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करके नोटिस देखें और ज़्यादातर मामलों में वहीं (e-Proceedings) ऑनलाइन जवाब दें।
- दस्तावेज़ समय पर अपलोड करें; मामला जटिल हो तो CA की मदद लें।
उदाहरण से समझिए
स्थिति 1: "रिफंड" वाला ईमेल
सुनीता जी को ईमेल मिला कि रिफंड के लिए लिंक पर बैंक डिटेल भरें। DIN नहीं था और डोमेन भी अलग था। उन्होंने लिंक नहीं खोला और ईमेल webmanager@incometax.gov.in पर फॉरवर्ड कर दिया।
स्थिति 2: DIN वाला नोटिस
राकेश जी को DIN वाला नोटिस मिला। पोर्टल पर जाँच में सफलता का संदेश आया, तो उन्होंने लॉगिन करके समय से ऑनलाइन जवाब दे दिया।
स्थिति 3: "No record found"
एक व्यापारी को WhatsApp पर DIN लिखा "पेनल्टी नोटिस" आया। पोर्टल पर "No record found" आया, तो उन्होंने भुगतान नहीं किया और 1930 पर शिकायत की।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या नोटिस जाँचने के लिए पोर्टल पर अकाउंट होना ज़रूरी है?
नहीं। यह प्री-लॉगिन सेवा है, जिसे रजिस्टर्ड और बिना रजिस्ट्रेशन वाले, दोनों तरह के यूज़र इस्तेमाल कर सकते हैं।
DIN नोटिस पर न होकर अलग पेज या ईमेल में हो तो?
Circular 04/2026 के अनुसार यह भी मान्य तरीका है। अलग दस्तावेज़ या ईमेल में दिया DIN भी पोर्टल पर जाँचा जा सकता है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। पोर्टल के विकल्प समय-समय पर बदल सकते हैं। अपने मामले में किसी योग्य CA या टैक्स सलाहकार से सलाह लें।
स्रोत (Sources)
- CBDT Circular No. 04/2026, दिनांक 31 मार्च 2026: Referencing by DIN (incometaxindia.gov.in)
- ई-फाइलिंग पोर्टल यूज़र मैनुअल: Authenticate the Notice issued by ITD (incometax.gov.in)
- ई-फाइलिंग पोर्टल FAQ: Authenticate the Notice issued by ITD (incometax.gov.in)
- आयकर विभाग: Report Phishing (incometaxindia.gov.in)
- राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in)

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