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GST के नए नियम: फ्री सैंपल और एक्सपायर्ड स्टॉक पर ITC, साथ ही टेलीकॉम टावर व प्लांट मशीनरी पर फायदा

 इनपुट टैक्स क्रेडिट का दायरा बढ़ा: कर्मचारियों का बीमा, टावर, पाइपलाइन और फ्री सैंपल पर अब ITC मिलेगा

GST में इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का मतलब है कि आपने खरीदारी पर जो टैक्स चुकाया है, उसे अपनी आउटपुट टैक्स देनदारी से घटा सकते हैं। 8 अक्टूबर 2026 को हुई GST Council की बैठक में ITC के दायरे को बढ़ाने की महत्वपूर्ण सिफारिशें की गईं। दरें नहीं बदलीं, लेकिन कई ऐसे खर्चों पर क्रेडिट मिलने का रास्ता खुला जो पहले ब्लॉक थे या स्पष्ट नहीं थे।

यह बदलाव छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए खासतौर पर उपयोगी है, क्योंकि इन खर्चों पर पहले पूरा टैक्स खर्च हो जाता था और क्रेडिट नहीं मिलता था। नीचे विस्तार से समझाया गया है कि क्या बदला, कब लागू होगा और व्यवहार में कैसे फायदा होगा।

किन खर्चों पर ITC का दायरा बढ़ा?

Council ने निम्नलिखित मदों पर ITC उपलब्ध कराने की सिफारिश की है:

  • कर्मचारियों के लिए लिया गया हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस
  • फैक्ट्री परिसर के बाहर लगाए गए टेलीकॉम टावर
  • फैक्ट्री के बाहर बिछाई गई पाइपलाइन
  • फ्री सैंपल के रूप में दिए गए माल
  • ऐसे स्टॉक जिन्हें कानून के तहत नष्ट करना अनिवार्य है (जैसे एक्सपायरी के बाद दवा या खाद्य पदार्थ)

इसके अलावा, इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में इनपुट सेवाओं पर जमा ITC का रिफंड 1 नवंबर 2026 से ली गई क्रेडिट पर उपलब्ध होगा। प्लांट और मशीनरी पर टैक्स का रिफंड 1 अप्रैल 2027 से ली गई क्रेडिट पर, महीने का साठवां हिस्सा निकालकर, देने का प्रस्ताव है।

ये सभी बदलाव कानून संशोधन और आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही प्रभावी होंगे। फिलहाल पुराने नियम लागू हैं।

व्यावहारिक उदाहरण

उदाहरण 1: कर्मचारियों का हेल्थ इंश्योरेंस
जयपुर की एक छोटी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट 15 कर्मचारियों का ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस लेती है। सालाना प्रीमियम ₹3 लाख है, जिस पर 18% GST लगता है यानी ₹54,000। पहले यह पूरा खर्च था क्योंकि ITC नहीं मिलता था। अब अगर सिफारिश लागू होती है, तो कंपनी ₹54,000 का ITC ले सकेगी और उसे अपनी मासिक GST देनदारी से घटा सकेगी। साल भर में यह सीधी बचत बनेगी।

उदाहरण 2: टेलीकॉम टावर और पाइपलाइन
एक फैक्ट्री ने अपने परिसर के बाहर नेटवर्क बेहतर करने के लिए टेलीकॉम टावर लगवाया और पानी की पाइपलाइन बिछाई। इन पर चुकाया GST पहले ब्लॉक था। नई व्यवस्था में यह ITC के योग्य हो जाएगा, बशर्ते इस्तेमाल कारोबार के लिए हो और दस्तावेज पूरे हों।

उदाहरण 3: फ्री सैंपल और एक्सपायर्ड स्टॉक
एक फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर डॉक्टरों को फ्री सैंपल देता है और एक्सपायरी के बाद दवाओं को कानून के अनुसार नष्ट करता है। पहले इन पर ITC उल्टा हो जाता था या उपलब्ध नहीं होता था। अब फ्री सैंपल और अनिवार्य रूप से नष्ट किए जाने वाले स्टॉक पर क्रेडिट का प्रावधान सुझाया गया है। इससे इन्वेंटरी मैनेजमेंट आसान होगा।

उदाहरण 4: इनवर्टेड ड्यूटी रिफंड
एक कंपनी कच्चा माल 18% पर खरीदती है और तैयार माल 5% पर बेचती है। इनपुट सेवाओं (ट्रांसपोर्ट, जॉब वर्क आदि) पर जमा क्रेडिट पहले रिफंड नहीं होता था। 1 नवंबर 2026 से ली गई ऐसी क्रेडिट पर रिफंड का रास्ता खुलेगा।

छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए क्या करना चाहिए

  1. अभी पुराने नियमों के अनुसार ही काम करें। ITC तभी लें जब संबंधित अधिसूचना आ जाए।
  2. कर्मचारियों के बीमा, टावर, पाइपलाइन और सैंपल संबंधी बिल, इनवॉइस और भुगतान के रिकॉर्ड अलग-अलग फोल्डर में रखें।
  3. GSTR-2B से मिलान नियमित रखें। अधिसूचना आने के बाद पुराने बिलों पर क्रेडिट की पात्रता की जाँच करवाएँ।
  4. फ्री सैंपल देते समय उचित डॉक्यूमेंटेशन (सैंपल रजिस्टर, डिस्ट्रीब्यूशन रिकॉर्ड) बनाएँ।
  5. एक्सपायर्ड स्टॉक नष्ट करते समय कानूनी प्रक्रिया का पालन करें और उसका प्रमाण सुरक्षित रखें।
  6. इनवर्टेड ड्यूटी वाले कारोबारी नवंबर 2026 से पहले अपनी इनपुट सेवाओं की सूची और क्रेडिट बैलेंस का रिकॉर्ड तैयार कर लें।

ध्यान रखने वाली बातें

  • धारा 17(5) के अंतर्गत ब्लॉक क्रेडिट अभी भी ब्लॉक रहेगी जब तक स्पष्ट संशोधन न आ जाए।
  • क्रेडिट केवल तभी मिलेगा जब माल या सेवा का इस्तेमाल कारोबार के लिए हो।
  • फर्जी या अधूरे दस्तावेज पर क्रेडिट लेने से बचना चाहिए, क्योंकि सिस्टम मैचिंग मजबूत हो रही है।
  • प्लांट और मशीनरी का रिफंड चरणबद्ध (मासिक आधार पर) होगा, एकमुश्त नहीं।

निष्कर्ष

ITC का दायरा बढ़ाना GST को और व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कर्मचारियों की भलाई, बुनियादी ढाँचे और नियमित कारोबारी खर्चों पर टैक्स का बोझ कम होगा। छोटे कारोबारियों को सलाह है कि दस्तावेज साफ रखें और आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करें। जैसे ही नियम लागू होंगे, ये बदलाव सीधी बचत में बदल सकते हैं।

संदर्भ

  • GST Council की 8 अक्टूबर 2026 की बैठक संबंधी रिपोर्टिंग (The Economic Times, Livemint, Moneycontrol)
  • वित्त मंत्री की पोस्ट-मीटिंग ब्रीफिंग
  • CGST Act की धारा 16 और 17 से संबंधित प्रावधान

अस्वीकरण: यह सामान्य जानकारी है। लागू तारीख, शर्तें और पात्रता CBIC अधिसूचना तथा GST पोर्टल से मिलाकर देखें। जरूरत पड़ने पर अपने CA या टैक्स सलाहकार से सलाह लें।

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