GST से सरकार को सालाना कितना राजस्व मिलता है? साल दर साल वृद्धि और अन्य टैक्स स्रोतों से तुलना
Goods and Services Tax (GST) भारत का सबसे बड़ा अप्रत्यक्ष कर है। यह 1 जुलाई 2017 से लागू हुआ था। इसके जरिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को राजस्व मिलता है। आम लोगों के लिए यह समझना जरूरी है कि GST से सरकार को कितना पैसा आता है, यह साल दर साल किस गति से बढ़ रहा है, और इनकम टैक्स जैसे अन्य स्रोतों की तुलना में इसकी स्थिति क्या है।
यह आर्टिकल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित आंकड़ों से तैयार किया गया है। आंकड़े समय-समय पर अपडेट होते रहते हैं, इसलिए नवीनतम आधिकारिक आंकड़े GST पोर्टल या वित्त मंत्रालय से जरूर मिला लें।
GST का सालाना कलेक्शन कैसा रहा है?
GST शुरू होने के बाद से कलेक्शन लगातार बढ़ा है। शुरुआती सालों में सिस्टम स्थिर होने में समय लगा, कोविड के दौरान कुछ गिरावट आई, लेकिन उसके बाद मजबूत रिकवरी हुई।
कुछ प्रमुख सालाना आंकड़े (सकल GST कलेक्शन, लगभग):
- वित्तीय वर्ष 2022-23: करीब ₹13.25 लाख करोड़
- वित्तीय वर्ष 2023-24: ₹15.23 लाख करोड़ (पिछले साल से लगभग 15% वृद्धि)
- वित्तीय वर्ष 2024-25: ₹16.75 लाख करोड़ के आसपास (लगभग 10-11% वृद्धि)
2025-26 और 2026-27 के आंकड़े अभी आंशिक या प्रोविजनल हैं। सितंबर 2026 में मासिक सकल GST कलेक्शन ₹2.03 लाख करोड़ के आसपास रहा, जो साल-दर-साल करीब 14.7% ज्यादा था। अप्रैल से सितंबर 2026-27 के पहले छह महीनों में सकल कलेक्शन ₹12.46 लाख करोड़ के करीब बताया गया, जो पिछले साल की समान अवधि से लगभग 11.6% अधिक है।
कुल मिलाकर GST कलेक्शन पिछले कुछ सालों में डबल डिजिट या उसके आसपास की वृद्धि दर से बढ़ा है। यह अर्थव्यवस्था की गतिविधि, अनुपालन में सुधार और डिजिटल ट्रैकिंग (ई-इनवॉइसिंग, ई-वे बिल आदि) का नतीजा माना जाता है।
साल दर साल वृद्धि की गति
वृद्धि दर हर साल एक जैसी नहीं रही। कुछ सालों में 15% से ऊपर रही, तो कुछ में 10% के आसपास। कोविड के बाद की रिकवरी में वृद्धि तेज रही। हाल के महीनों में आयात से जुड़ा GST मजबूत रहा है, जबकि घरेलू कलेक्शन की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है।
औसतन, GST ने पिछले कई सालों में मजबूत वृद्धि दिखाई है और अब यह सरकार के अप्रत्यक्ष कर राजस्व का मुख्य स्तंभ बन चुका है।
इनकम टैक्स (डायरेक्ट टैक्स) से तुलना
इनकम टैक्स (व्यक्तिगत आयकर + कॉरपोरेट टैक्स) डायरेक्ट टैक्स है, जबकि GST अप्रत्यक्ष टैक्स है।
हालिया आंकड़ों के अनुसार (14 अक्टूबर 2026 तक, वित्तीय वर्ष 2026-27):
- नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन: ₹13.38 लाख करोड़ (साल-दर-साल लगभग 13.2% वृद्धि)
- इसमें कॉरपोरेट टैक्स और नॉन-कॉरपोरेट (व्यक्तिगत आयकर आदि) दोनों शामिल हैं।
GST का सालाना कलेक्शन अब कई सालों से डायरेक्ट टैक्स के बराबर या उसके आसपास के स्तर पर पहुँच चुका है। कुछ वर्षों में GST का सकल कलेक्शन डायरेक्ट टैक्स से अधिक भी रहा है। दोनों साथ मिलकर सरकार के कुल टैक्स राजस्व का बड़ा हिस्सा बनाते हैं।
डायरेक्ट टैक्स मुख्य रूप से आय और मुनाफे पर लगता है, जबकि GST खपत और लेन-देन पर। इसलिए दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
अन्य स्रोतों से तुलना
सरकार के अन्य प्रमुख राजस्व स्रोत हैं:
- कस्टम ड्यूटी
- सेंट्रल एक्साइज (मुख्य रूप से पेट्रोल-डीजल आदि पर)
- नॉन-टैक्स रेवेन्यू (डिविडेंड, फीस, स्पेक्ट्रम आदि)
GST अब अप्रत्यक्ष करों में सबसे बड़ा स्रोत बन चुका है। कई रिपोर्टों में यह देखा गया है कि GST + कस्टम + एक्साइज मिलकर अप्रत्यक्ष कर राजस्व का बड़ा हिस्सा बनाते हैं, और इनमें GST की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। कुल कर राजस्व में GST का योगदान पिछले वर्षों में बढ़ा है और यह सरकार की वित्तीय योजना का महत्वपूर्ण आधार है।
आम लोगों के लिए क्या मायने रखता है?
जब आप कोई सामान या सेवा खरीदते हैं, तो उसमें GST शामिल होता है। यह पैसा केंद्र और राज्यों के बीच बाँटा जाता है। बढ़ता कलेक्शन सरकार को सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और कल्याण योजनाओं पर खर्च करने की क्षमता देता है। साथ ही, मजबूत कलेक्शन का मतलब है कि अनुपालन बेहतर हो रहा है और टैक्स बेस चौड़ा हो रहा है।
हालांकि, कलेक्शन बढ़ने का मतलब यह नहीं कि टैक्स दरें बढ़ी हैं। कई बार दरें कम करने के बाद भी कलेक्शन बढ़ा है, क्योंकि खपत और अनुपालन बढ़ा।
निष्कर्ष
GST अब भारत की टैक्स व्यवस्था का मुख्य स्तंभ है। साल दर साल इसका कलेक्शन बढ़ा है और यह इनकम टैक्स के साथ-साथ सरकार के राजस्व का बड़ा हिस्सा बन चुका है। आगे डिजिटल सिस्टम और बेहतर अनुपालन से इसमें और मजबूती आने की उम्मीद है। आंकड़े प्रोविजनल हो सकते हैं और समय के साथ संशोधित होते हैं।
संदर्भ और स्रोत
- GST Council / वित्त मंत्रालय के आंकड़े और प्रेस नोट्स
- GST पोर्टल (gst.gov.in) पर उपलब्ध सांख्यिकी
- Income Tax Department के डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन डेटा (अक्टूबर 2026 तक)
- Business Standard, Livemint, Zee Business और अन्य विश्वसनीय समाचार रिपोर्टिंग
- Rajya Sabha में दिए गए आधिकारिक जवाब
अस्वीकरण
यह आर्टिकल सामान्य जानकारी और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है। आंकड़े प्रोविजनल, संशोधित या अपडेट हो सकते हैं। यह किसी भी तरह की टैक्स सलाह, निवेश सलाह या आधिकारिक व्याख्या नहीं है। सटीक और नवीनतम आंकड़ों के लिए GST पोर्टल, वित्त मंत्रालय, CBIC या Income Tax Department की आधिकारिक वेबसाइट देखें। किसी भी वित्तीय या कर संबंधी निर्णय से पहले योग्य विशेषज्ञ से सलाह लें। लेखक या प्रकाशक किसी भी त्रुटि या चूक के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

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